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Showing posts from August, 2012

From dusk to dawn

इस दुनिया को समझते समझते में बहुत चकरा गया अपनों ने पराया कर दिया, परयो ने अपना लिया.. देखता हूँ की दुनिया कहा जा रही है, एक मोह जाल में फसे जा रही है| पैसे वालों की इस दुनिया में भगवान भी  बिकता है, मंदिरों में भी vip का बोल-बाला चलता है| मूरख है वो जो सबका मालिक एक समझता है, अपनों से गले लगता है और गैरो से दूर से मिलता है| वो गैर ही कभी इतना अपनापन दे जाते है, जिस प्यार को अपने पैसो में तोल आते है, जिस प्यार को अपने पैसो में तोल आते है... Life is turning out to be a battle and right now I am scarred badly but then it too offers a night and the breeze that brings comfort to my burning scars. Love and affection are the most scarce things in this practical world, and love and affection is what I get unexpectedly from people who barely know me. I often wondered when something bad happened to me, that what have I done to deserve such fate but to that I had an answer too. To something which I never had an answer was what is there in me that the people love me for, what hav...

भगवान नहीं दिखता

क्या हो गया है मुझे जो इस दुनिया में मुझे भगवान नहीं दिखता त्यौहार मनाता हूँ लेकिन पूजता हूँ जिसे वो भगवान नहीं दिखता घमंड दिखता है, अहम् दिखता है, लालच और लोभ दिखता है झूठ दिखता है, बुराई दिखती है, क्रोध और काम में डूबा शैतान दिखता है सच दिखता है, अच्छाई दिखती है, दया और दान करता इंसान दिखता है क्या हो गया है मुझे जो इस दुनिया में मुझे सब दिखता है पर भगवान नहीं दिखता कभी धुप से झुलसता, कभी ठण्ड से ठिठुरता, कही बाढ़ में बहता, कही सूखे का मारा जीवन दिखता है तम दिखता है, सितम दिखता है, आम इंसान का दर्द दिखता है भूख से बिलखिलाता बचपन दिखता है, सड़क पर भटकता योवन दिखता है क्या हो गया है मुझे जो इस दुनिया में मुझे सब दिखता है पर भगवान नहीं दिखता कहते है की भगवान मन में है लेकिन जब मन देखता हूँ तो.... सब दिखता है, सब दिखता है लेकिन भगवान नहीं दिखता...