मुकाम
ये मेरा आखिरी मुकाम नहीं आगे की राह आसान नहीं लेकिन जीने की परवाह जो करते नहीं मौत से जो डरते नहीं उनके लिए कहा कोई सफ़र नामुमकिन रहा है मैंने तो ना हटाकर मुमकिन को चुना है अपने लिए तो जी ही रहा हूँ एक दिन देश के लिए जीना है दाग लगे है माँ के आँचल पर उससे अपने लहूँ से धोना है...