आंधी
मेरी ख़ामोशी को मेरी कमजोरी न समझ लेना,
जिस दिन मेरा खून चला तुम पानी से बह जाओगे..
मैं चुप हूँ क्यूंकि अभी तक मैं जला नहीं हूँ,
पर मैं जला तो समुन्दर में भी तुम जल जाओगे..
मत लो मेरे सब्र का इम्तेहान मत लो मेरे सब्र का इम्तेहान
अगर सब्र का बांध टूट गया तो जीते जी तुम मर जाओगे..
जिस दिन मेरा खून चला तुम पानी से बह जाओगे..
मैं चुप हूँ क्यूंकि अभी तक मैं जला नहीं हूँ,
पर मैं जला तो समुन्दर में भी तुम जल जाओगे..
मत लो मेरे सब्र का इम्तेहान मत लो मेरे सब्र का इम्तेहान
अगर सब्र का बांध टूट गया तो जीते जी तुम मर जाओगे..
Comments
I can now only in terms of what a common men will say to Government. I think he too will begin like this.
Wonderful blog. I will sure want to visit often.