लोग कहते है

लोग कहते की डर के आगे जीत होती है लेकिन कितने आगे है ये कोई नहीं बताता
लोग कहते है की अन्याय का अंत होता है लेकिन कब होता है कोई नहीं बताता
लोग कहते है की अच्छाई की जीत होती है लेकिन कब होती है कोई नहीं बताता

कभी सुबह कभी शाम होती है,
कभी दिन कभी रात होती है,
हवाएं रुख बदल लेती है,
मौसम भी जल्द बदल जाते है,
लेकिन जो बात लोग कहते है वो नहीं होती...

लोग कहते की डर के आगे जीत होती है
लोग कहते है की अन्याय का अंत होता है
लोग कहते है की अच्छाई की जीत होती है

Comments

Saumya said…
alas....the times have drastically changed....it's not only ki "जो बात लोग कहते है वो नहीं होती..." but also ki 'jo baat "log" kehte hain...usse bhi mukar jaate hain'

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